अभेद ‘भाभा कवच’ भारत के सैनिकों को देगा मज़बूती

दिल्ली। सुरक्षा बलों को मिल सकेगी स्वदेशी बुलेट प्रूफ जैकेट, सैनिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आकार के जैकेट बनाए जा रहे हैं जिसके लिए कड़े मानक तैयार किए जा रहे हैं। मेक-इन-इंडिया के तहत जैकेट का निर्माण हो रहा है।मेक इन इंडिया की एक और बड़ी सफ़लता है। अभी तक भारत बुलेट प्रूफ जैकेट आयात करता रहा है लेकिन अब भाभा परमाणु रिसर्च केंद्र के वैज्ञानिकों ने बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने में महारत हासिल की और अब रक्षा सामग्री बनाने वाली कंपनियां इसका उत्पादन भी शुरू कर चुकी हैं।

सुरक्षा बलों और पुलिस संगठनों को लम्बे इंतज़ार के बाद अब भारी भरकम और कम आघात के स्तर वाली बुलेट प्रूफ जैकेट से छुटकारा मिल सकेगा। परमाणु विज्ञानी डाक्टर होमी जे भाभा को समर्पित इस जैकेट को उनका नाम ‘भाभा कवच’ दिया गया है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने इसे केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और गृह मंत्रालय के आग्रह पर अनुसंधान करके बनाया है।भाभा कवच के निर्माण से जुड़े विज्ञानियों का कहना है कि ये अब तक प्रमाणित एजेंसियों के 30 से ज्यादा परीक्षणों को पास कर चुका है. केद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के संयुक्त दल भी इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। इसके अलावा आतंकवाद से जबरदस्त प्रभावित राज्य जम्मू कश्मीर में तैनात सैनिक भी इसे इस्तेमाल कर रहे हैं।