ड्रीम गर्ल में महिला की आवाज़ में बोलते दिखेंगे आयुष्मान

रायपुर। हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म आर्टिकल 15 में आयुष्मान खुराना के काम को काफी सरहाना मिली।उनको एक सीरीयस कॉप के एकदम लीग से हटके रोल को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इस फिल्म से आयुष्मान ने लोगों के बीच एक अलग ही छाप छोड़ी।लेकिन फिर भी ये फिल्म 100 करोड़ क्लब में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाई।बावजूद इसके मूवी ने अपनी लागत से दोगुनी कमाई करी। लेकिन उनके प्रशंसकों के लिए ये मायूस होने का वक्त नहीं है। क्योंकि आयुष्मान के कई प्रोजेक्ट्स लाइन से लगे हुए हैं।

आयुष्मान के प्रशंसकों के लिए पिक्चर अभी बाकी है।आयुष्मान खुराना के पास दमदार कहानियों पर बन रही फिल्मों की ऐसी फेहरिस्त है कि आज के दौर के किसी भी अभिनेता को उनसे ईर्ष्या हो सकती है। आयुष्मान को भरोसा है कि उनकी ये नई फिल्में फिर से उनको उसी रूप में दर्शकों के सामने लाएंगे, जिनमें वे उन्हें पसंद करते हैं। इन फिल्मों में सबसे दिलचस्प फिल्म है – ड्रीम गर्ल। इस फिल्म में आयुष्मान पूरी फिल्म में एक महिला की आवाज में बोलते दिखेंगे।

बाला की कहानी तो सबको अब पता ही है, दिलचस्प रहेगा उनका और अमिताभ बच्चन का आमना सामना फिल्म गुलाबो सिताबो में। पुराने लखनऊ के उससे भी पुराने एक जमींदार बने अमिताभ बच्चन और उनके किराएदार बने आयुष्मान खुराना की चोंच लड़ैया की कहानी काफी दिलचस्प बताई जा रही है।

इस बारे में बात करने पर आयुष्मान कहते हैं, “ये चारों फिल्में मुझे चार बिल्कुल अलग-अलग अंदाज में पेश करेंगी। ऐसे किरदार मैंने पहले किए नहीं है तो मैं भी इन्हें लेकर बेहद उत्साहित हूं। एक अभिनेता के तौर पर मेरी हर फिल्म मेरे लिए एक नई चुनौती होनी ही चाहिए। मेरी कोशिश अभी तक यही रही है कि जो भी किरदार मैं करूं उसके कलेवर की चर्चा दर्शकों में जरूर हो।”

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लोगों ने आयुष्मान को एक नया नाम भी दे रखा है, बेचैन आत्मा। इस पर उनकी क्या टिप्पणी हैं? “हां, मैं एक अभिनेता के रूप में हमेशा एक बेचैन आत्मा की तरह रहा हूं। मैंने हमेशा नई चीजें चुनी हैं और अनजाने अबूझे रास्तों पर चलता आया हूं क्योंकि इसी से मुझे नया करने की प्रेरणा मिलती रही है। जोखिम उठाना मुझे पसंद हैं क्योंकि ऐसा करके ही मैं बतौर अभिनेता खुद को बेहतर कर पाऊंगा” आयुष्मान कहते हैं।

विकी डोनर से अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाले आयुष्मान ने अपने पहले निर्देशक शूजीत सरकार के साथ ही गुलाबो सिताबो महज 22 दिनों में शूट की है. इंडस्ट्री के हर बड़े निर्देशक के वह दुलारे बन चुके हैं। इस बारे में चर्चा चलने पर आयुष्मान कहते हैं, “देश के इन बेहतरीन फिल्म निर्माताओं का भरोसा जीतने के लिए मैंने कड़ी मेहनत की है। उन्होंने अपनी नई सोच के साथ मुझ पर भरोसा किया और मुझे अपने खूबसूरत सिनेमा का हिस्सा बनाया। इसके लिए मैं उनका आभार ही व्यक्त कर सकता हूं।”