नौसेना में शामिल हुई स्कॉर्पियन क्लास पनडुब्बी ‘खंडेरी’

दिल्ली।भारत की दूसरी स्कॉर्पियन क्लास सबमरीन आईएनएस खंडेरी आज नौसेना में शामिल हो गई। मुंबई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ नेवल स्टाफ की मौजूदगी में खंडेरी की ताकत नौसेना को मिल गई। इसके अलावा पी-17ए वर्ग के पहले युद्धपोत आईएनएस नीलगिरी और युद्धपोतों को खड़ा करने के लिए ड्रायडॉक का भी आज मुंबई नेवल डॉकयार्ड पर उद्घाटन किया गया। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पड़ोसी देश को यह समझना होगा कि भारत की मजबूत इच्छाशक्ति और बढ़ती नौसैनिक क्षमता से हम उसे कभी भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

जाने ये है खासियत आईएनएस खंडेरी की
  • INS खंडेरी गहरे समुद्र में बिना आवाज़ किये 12 हज़ार किमी. तक सफर कर सकती है। इसकी लंबाई लगभग 67.5 मीटर और चौड़ाई 12.3 मीटर है। 40 से 45 दिन तक पानी में रहने की क्षमता वाली यह पनडुब्बी 350 मीटर की गहराई तक उतर सकती है तथा इसमें सभी अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं।
  • इस पनडुब्बी का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में  7अप्रैल, 2009 को शुरू हुआ था। 12 जनवरी, 2017 को इसे लॉन्च किया गया और इसका नामकरण किया गया।
  • इस पनडुब्बी में कुल 360 बैटरी लगी हैं, जिनमें से प्रत्येक का वज़न 750 किग्रा. है। इसमें 6 टॉरपीडो ट्यूब लगे हैं। इसमें से 2 ट्यूब से मिसाइल भी दागी जा सकती है। इसके भीतर कुल 12 टॉरपीडो रखने की व्यवस्था है।
  • इसे ‘खंडेरी’ नाम मराठा सेना के द्वीपीय किले के नाम पर दिया गया है। इसके अलावा खंडेरी को टाइगर शार्क भी कहते हैं।
  • स्कॉर्पीन श्रेणी की बनी पहली पनडुब्बी INS कलवरी है।
  • देश में वर्तमान में 49 जहाज़ों और पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है।