भारतीय नौसेना ने बढ़ाई ताकत शामिल हुआ ‘वराह’

दिल्ली।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेन्नई में गश्ती नौका ‘वराह’ को इंडियन कोस्ट गार्ड में शामिल किया किया। यह जहाज तटरक्षक बल के सात समुद्री गश्‍ती पोत श्रृंखला में चौथा है। इसे पश्चिमी कमान के तहत कर्नाटक के न्‍यू मंगलौर में तैनात किया जाएगा। 98 मीटर गश्‍ती पोत वराह का डिजाइन और निर्माण देश में ही किया गया है। यह तलाश और बचाव कार्य और समुद्री गश्‍ती संचालन के लिए दो इंजन वाले हेलिकॉप्‍टर और तीव्र गति की चार  नौकाओं को ले जाने में सक्षम है। इसमें समुद्र में तेल फैलने जैसी घटनाओं से बचाव के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपकरण भी लगे हैं।

पिछले साल नौसेना के बेड़े में शामिल हुआ था डीएसआरवी

नौसेना ने गहरे समुद्र में पनडुब्बी के दुर्घटनाग्रस्त होने की हालत में बचाव और राहत कार्य में मदद देने वाले पहले पोत को सेवा में लिया है। नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा ने कहा कि पोत डीप सबर्मजेंस रेस्क्यू वेसेल की तैनाती के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिसके पास संकट में फंसी पनडुब्बी का पता लगाने और बचाव करने की क्षमता है। वर्तमान में अमेरिका, चीन, रूस और कुछ अन्य देशों के पास डीएसआरवी को तैनात करने की क्षमता है। ‘डीएसआरवी का इस्तेमाल दुर्घटना की शिकार पनडुब्बी के कर्मियों को बचाने में किया जाता है। इसके साथ ही समुद्र के भीतर तार बिछाने सहित विभिन्न अभियानों के लिए भी इन्हें तैनात किया जाता है। कुछ डीएसआरवी पोत को बड़े मालवाहक जहाजों के जरिए दूसरी जगह भी ले जाया जाता है ।