भारत बायोटेक ने DCGI को भेजा आवेदन, नेजल वैक्सीन के पहले चरण के ट्रायल की मांगी मंजूरी

भारत में कोरोनावायरस की वैक्सीन (Corona Vaccine) के मोर्चे पर जल्द ही अच्छी खबर मिल सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत बायोटेक (Bharat Biotech) जल्द ही नेजल वैक्सीन (नाक के जरिए दी जाने वाली दवाई) का ट्रायल शुरू करने जा रहा है. इसे लेकर भारत बायोटेक ने शुक्रवार को नेजल वैक्सीन के पहले चरण के ट्रायल के लिए DCGI (ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) को एक आवेदन भेजा है.

भारत बायोटेक ने सरकार से भारत में नेजल वैक्सीन के ट्रायल को मंजूरी देने की मांग की है. मालूम हो कि अभी तक भारत में जिन दो वैक्सीन (कोविशील्ड, कोवैक्सीन) को मंजूरी मिली है वो इंजेक्शन के जरिए दी जाएंगी. भारत बायोटेक के डॉ. कृष्णा इल्ला के मुताबिक, उनकी कंपनी ने वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के साथ करार किया है. इस नेजल वैक्सीन (Nasal Vaccine) में दो की जगह सिर्फ एक ही डोज देने की जरूरत होगी.

कोरोना के इलाज के लिए भारत में अभी तक ऐसा कोई टीका तैयार नहीं किया गया है. अगर नेजल वैक्सीन के ट्रायल को सफलता मिलती है, तो देश में कोरोना के खिलाफ जारी जंग में बड़ी सफलता हासिल हो सकती है. रिसर्च के मुताबिक ये एक बेहतर विकल्प होगा. डॉ चंद्रशेखर के मुताबिक, अगले दो हफ्तों में नेजल कोवैक्सिन का ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा. इसके लिए हमारे पास जरूरी सबूत है कि नाक से दी जाने वाली वैक्सीन इंजेक्शन वाली वैक्सीन से बेहतर है.

क्या है नेजल वैक्सीन

जिन कोरोना वैक्सीन को अप्रूवल मिला है, वह इंजेक्शन के जरिए दिए जाते हैं. वहीं नेजल वैक्सीन को नाक के जरिए दिया जाता है. वायरस मुख्यता नाक के जरिए ही इंसानों में प्रवेश करता है. वाशिंगटन स्कूल ऑफ मेडिसिन के सेंट लुइस में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि नाक के जरिए दी गई दवाई ने पूरे शरीर में एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पैदा की, जिससे वायरस नाक और श्वसन पथ में प्रभावी रहा और पूरे शरीर में संक्रमण नहीं पहुंचा. जानकारी के मुताबिक, भुवनेश्वर-पुणे-नागपुर-हैदराबाद में भी इस वैक्सीन का ट्रायल होगा. जहां पर 18 से 65 साल के करीब 40-45 वालेंटियर्स का चयन किया जाएगा.

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